मंगल (Mars):
मंगल के वायुमंडल में 95 प्रतिशत कार्बन डाईऑक्साइड, 3 प्रतिशत नाइट्रोजन, 2 प्रतिशत ऑर्गन गैस पाई जाती हैं। मिट्टी में आयरन ऑक्साइड होने की वजह से यह ग्रह लाल रंग का दिखाई देता है।मंगल का एक दिन 24 घण्टे 37 मिनट के बराबर होता है। यह पृथ्वी के एक दिन के लगभग बराबर है। किंतु इसका एक वर्ष लगभग 686 दिनों का होता है। मंगल अत्यन्त ठंडा ग्रह है जिसका औसत तापमान -90ष् से -230ष् तक होता है। मंगल का वायुमंडल अत्यन्त विरल है। मंगल पर अक्सर धूल भरी आंधियाँ चलती हैं। मंगल ग्रह का सबसे विस्मयकारी तथ्य है कि यहाँ कभी महासागर स्थित थे और यहां का वायुमंडल काफी घना था। इस वायुमंडल की उपस्थिति का कारण ज्वालामुखियों से निकलने वाली गैसें रही होंगी। इस वायुमण्डल के कारण इसकी सतह पर जल उपस्थित रहा होगा। अंतरिक्षयान 'पाथफाइंडरÓ द्वारा भेजे गए चित्रों से ज्ञात हुआ है कि करोड़ों वर्ष पूर्व मंगल पर जल अत्याधिक मात्रा में पाया जाता था। नासा के 'मार्स ग्लोबल सर्वेयरÓ ने मंगल की विषुवत रेखा के निकट प्राचीन पनतापीय प्रणालव के स्पष्टï प्रमाण प्रस्तुत किए हैं।
मंगल के वायुमंडल में 95 प्रतिशत कार्बन डाईऑक्साइड, 3 प्रतिशत नाइट्रोजन, 2 प्रतिशत ऑर्गन गैस पाई जाती हैं। मिट्टी में आयरन ऑक्साइड होने की वजह से यह ग्रह लाल रंग का दिखाई देता है।मंगल का एक दिन 24 घण्टे 37 मिनट के बराबर होता है। यह पृथ्वी के एक दिन के लगभग बराबर है। किंतु इसका एक वर्ष लगभग 686 दिनों का होता है। मंगल अत्यन्त ठंडा ग्रह है जिसका औसत तापमान -90ष् से -230ष् तक होता है। मंगल का वायुमंडल अत्यन्त विरल है। मंगल पर अक्सर धूल भरी आंधियाँ चलती हैं। मंगल ग्रह का सबसे विस्मयकारी तथ्य है कि यहाँ कभी महासागर स्थित थे और यहां का वायुमंडल काफी घना था। इस वायुमंडल की उपस्थिति का कारण ज्वालामुखियों से निकलने वाली गैसें रही होंगी। इस वायुमण्डल के कारण इसकी सतह पर जल उपस्थित रहा होगा। अंतरिक्षयान 'पाथफाइंडरÓ द्वारा भेजे गए चित्रों से ज्ञात हुआ है कि करोड़ों वर्ष पूर्व मंगल पर जल अत्याधिक मात्रा में पाया जाता था। नासा के 'मार्स ग्लोबल सर्वेयरÓ ने मंगल की विषुवत रेखा के निकट प्राचीन पनतापीय प्रणालव के स्पष्टï प्रमाण प्रस्तुत किए हैं।
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