भारत जापान समझौते
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IAS तथा RAS परीक्षा हेतु महत्वपूर्ण
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जापान यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच कई समझौतों पर हस्ताक्षर हुए।
1.जापान ने भारत को बुलेट ट्रेन सहित कई क्षेत्रों में भरपूर मदद देने की घोषणा की।
2.दोनों देशों के बीच रक्षा आदान-प्रदान, स्वास्थ्य, स्वच्छ ऊर्जा, महिला विकास और राजमार्गों को लेकर कुल पांच समझौते हुए हैं।
3.भारत में 35 अरब डॉलर का निवेश करेगा जापान:
*भारत और जापान ने अपने संबंधों को सामरिक वैश्विक भागीदारीसे बढ़ा कर विशेष सामरिक वैश्विक भागीदारी के स्तर पर ले जाने की घोषणा की और जापान ने अगले पांच वर्षों में भारत में निजी और सार्वजनिक क्षेत्र में निवेश करने की घोषणा की।
* यह राशि नए स्मार्ट शहरों के विकास, गंगा और अन्य नदियों की सफाई, कृषि, जल सुरक्षा, परिवहन और कौशल विकास जैसे क्षेत्रों में इस्तेमाल की जाएगी।
4.लेकिन दोनों देश के बीच असैन्य परमाणु समझौतानहीं हो पाया। असैन्य परमाणु समझौते पर भारत और जापान के बीच समझ बढ़ी है। दोनों नेताओं ने अपने अधिकारियों को बातचीत पूरी करने का निर्देश दिया ताकि रणनीतिक सहयोग मजबूत करने के लिए इस समझौते पर जल्दी हस्ताक्षर हो सकें।
5.छह कंपनियों से प्रतिबंध हटा:
जापान ने 6 प्रमुख भारतीय कंपनियों से प्रतिबंध हटा लिया है।जिससे रक्षा और सैन्य क्षेत्र में दि्वपक्षीय सहयोग बढ़ने की संभावना है। जिन कंपनियों से प्रतिबंध हटाया गया है वे कंपनियां जापान की कंपनियों से मिलकर काम करेंगी और तकनीक का एक दूसरे को हस्तांतरण भी करेंगी। हालांकि जापान ने अभी 4 कंपनियों पर प्रतिबंध जारी रखा है।
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IAS तथा RAS परीक्षा हेतु महत्वपूर्ण
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जापान यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच कई समझौतों पर हस्ताक्षर हुए।
1.जापान ने भारत को बुलेट ट्रेन सहित कई क्षेत्रों में भरपूर मदद देने की घोषणा की।
2.दोनों देशों के बीच रक्षा आदान-प्रदान, स्वास्थ्य, स्वच्छ ऊर्जा, महिला विकास और राजमार्गों को लेकर कुल पांच समझौते हुए हैं।
3.भारत में 35 अरब डॉलर का निवेश करेगा जापान:
*भारत और जापान ने अपने संबंधों को सामरिक वैश्विक भागीदारीसे बढ़ा कर विशेष सामरिक वैश्विक भागीदारी के स्तर पर ले जाने की घोषणा की और जापान ने अगले पांच वर्षों में भारत में निजी और सार्वजनिक क्षेत्र में निवेश करने की घोषणा की।
* यह राशि नए स्मार्ट शहरों के विकास, गंगा और अन्य नदियों की सफाई, कृषि, जल सुरक्षा, परिवहन और कौशल विकास जैसे क्षेत्रों में इस्तेमाल की जाएगी।
4.लेकिन दोनों देश के बीच असैन्य परमाणु समझौतानहीं हो पाया। असैन्य परमाणु समझौते पर भारत और जापान के बीच समझ बढ़ी है। दोनों नेताओं ने अपने अधिकारियों को बातचीत पूरी करने का निर्देश दिया ताकि रणनीतिक सहयोग मजबूत करने के लिए इस समझौते पर जल्दी हस्ताक्षर हो सकें।
5.छह कंपनियों से प्रतिबंध हटा:
जापान ने 6 प्रमुख भारतीय कंपनियों से प्रतिबंध हटा लिया है।जिससे रक्षा और सैन्य क्षेत्र में दि्वपक्षीय सहयोग बढ़ने की संभावना है। जिन कंपनियों से प्रतिबंध हटाया गया है वे कंपनियां जापान की कंपनियों से मिलकर काम करेंगी और तकनीक का एक दूसरे को हस्तांतरण भी करेंगी। हालांकि जापान ने अभी 4 कंपनियों पर प्रतिबंध जारी रखा है।