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Thursday, 6 November 2014

इराक संघर्ष तथा भारत पर प्रभाव

इराक संघर्ष तथा भारत पर प्रभाव

हाल ही में इराक में उत्पन्न हुवा संघर्ष IR तथा करंट इशू के संदर्भ में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षा एवं साक्षात्कार हेतु महत्वपूर्ण मुद्दा है।
इसे निम्न प्रकार से समझ सकते है-
1.क्या है विवाद
2.ISIS क्या है 
3.अन्य पडोसी देशों का रुख
3.अमेरिका का रुख
4.भारत पर प्रभाव

1.क्या है विवाद-

इराक मूलत: शिया मुसलमानों के बाहुल्य वाला एक देश है। इस पर सदाम हुसैन के समय सुन्नियों का शासन रहा था। इराक में अमेरिकी हस्तक्षेप के पश्चात तथा सदाम हुसैन के शासन के अंत के पश्चात शिया समर्थित सरकार का गठन हुवा हैं। अमेरिकी सेना के घर वापसी के पश्चात से सुन्नियों पुन: अपना अधिकार प्राप्त करने की कोशिश में है तथा इसका ही परिणाम वर्तमान संघर्ष है।

2.ISIS क्या है--

Islamic state of iraq and syria ,यह सुन्नी मुसलमानों का एक संगठन है।जो की इराक पर पुन : सुन्नियों के अधिकार को लेकर संघर्ष कर रहा है। यह एक प्रकार से अलकायदा का ही नया सवरूप है। इसका प्रभाव इराक और सीरिया दोनों देशों में हैं।यह शरियत कानून को लागू करना चाहता है।

3.अन्य पडोसी देशों का रुख -

ईरान ,इराक तथा सीरिया शिया बाहुल्य वाले देश है। इनमें ईरान की स्थिति सर्वाधिक महत्वपूर्ण है। यदि ईरान भविष्य में परमाणु बम बनाने की क्षमता हासिल करता है तो उससे न केवल अमेरिका वरन आस पड़ोस के सुन्नी बाहुल्य वाले देशों को भी खतरा उत्पन्न हो जायेगा। सुन्नी बाहुल्य वाले देश एक मजबूत शिया बाहुल्य वाले देश का स्वीकार नहीं कर सकते ।यही कारण है की सऊदी अरब जैसे देश ISIS को वित्तीय रूप से मदद पहुंचा रहे है ताकि इराक, ईरान तथा सीरिया के रूप में एक मजबूत शिया बाहुल्य वाला गठजोड़ न बन जाये।

4.अमेरिका का रुख-

वर्तमान इराक संघर्ष ने अन्तर्राष्ट्रीय संबंधों को अजीब दुविधा की स्थिति में डाल दिया।
ISIS को अरब देश सपोर्ट कर रहे है जो कि अमेरिका के भूतपूर्व सहयोगी रहे है।
ईरान इस मुद्दे पर अमेरिका का सहयोग करने की बात कर रहा है जो कि अमेरिका का कट्टर विरोधी रहा है।
अमेरिका ने यद्दपि दूर तक मार करने वाले अपने विमान वाहक पोत इराक की तरफ भेजे है तथा विरोधियों पर हवाई हमले की भी योजना बना सकता है। परन्तु वह अपनी थल सेना का सीधी तॊर पर प्रयोग करने में हिचकिचा रहा है।
अमेरिका का स्वार्थ उन तेल क्षेत्रों तक सीमित है जो कि विरोधियों के कब्जे में आ गए।

5.भारत पर प्रभाव-

*भारत अपनी आवश्यकता का अधिकांश तेल इराक से आयत करता। संघर्ष से तेल की कीमतें बढ जाने से भारत का आयात ऒर अधिक मंहगा हो सकता है।
*देश के चालू खाता घाटे में बढोतरी हो सकती है।
*अनेक भारतीय इराक समेत खाड़ी देश में काम करते है उन्हें रोजगार सम्बन्धी संकट का सामना करना पड़ सकता है।
*विदेशों से आने वाली राशि पर विपरीत प्रभाव पड़ सकता है जिससे चालू खाता घाटा बड सकता है।
*अगर भारत सुन्नियों का समर्थन करता है तो ऐसी ही स्थिति कश्मीर में दोहराई जा सकती है।
*अगर भारत अमेरिका ऒर ईरान की संभावित हमले को समर्थन करता है तो ऐसी कारवाही की मांग भारत के अशांत एरिया में भी की जा सकती है।
*इस घटना का प्रभाव देश के आन्तरिक हालत पर भी पड सकता है। भारत में शिया ऒर सुन्नी दोनों बहुतायत में है जिसमे सुन्नियों की संख्या अधिक हैं।दोंनो में संघर्ष हो सकता है जिससे देश में law and order की समस्या उत्पन्न हो सकती है तथा साम्प्रदायिक सॊहर्द भी प्रभावित हो सकता है।
*भारत के सम्बन्द अरब देशों, इराक ,ईरान एवं अमेरिका सभी से अच्छे है अत:किसी एक का समर्थन अन्य की कीमत पर नहीं किया जा सकता।
*इराक में यदि चरम पंथी बढते है तो इसका प्रभाव अफगानिस्तान एवं पाकिस्तान पर पड सकता है ।एक अशांत पडोसी हमारे लिए खतरे का विषय बन सकता है।

निर्भय मिसाइल

Defence Technology

निर्भय मिसाइल

प्रमुख तथ्य-

1.इसका परीक्षण 17 अक्टूबर 2014 को ओड़िशा के चांदीपुर स्थित एकीकृत रेंज से किया गया।

2.इसकी मारक क्षमता 1000-1500 किमी. तक है।

3.यह मिसाइल परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम है

4.यह सब -सोनिक मिसाइल है अर्थात् ध्वनि की गति से इसकी रफ्तार कम है। भारत के पास 290 किमी. तक मार करने वाली सुपर सोनिक मिसाइल ब्रह्मोस है।

5. यह एक क्रूज मिसाइल है ना कि बैलिस्टिक मिसाइल ।

[बैलिस्टिक और क्रूज़ मिसाइलों के बीच अंतर क्या है?

बैलिस्टिक मिसाइलों का आकार काफ़ी बड़ा होता है और वो काफ़ी भारी वज़न का बम ले जाने में सक्षम होते हैं. लेकिन उन्हें छोड़े जाने से पहले ही नष्ट किया जा सकता है क्योंकि उन्हें छिपाया नहीं जा सकता. लेकिन एक बार छूट जाने के बाद उन्हें नष्ट करना आसान नहीं होता।

क्रूज़ मिसाइल बहुत छोटे होते हैं और उनपर ले जानेवाले बम का वज़न भी ज़्यादा नहीं होता. लेकिन अपने आकार के कारण उन्हें छोड़े जाने से पहले बहुत आसानी से छुपाया जा सकता है।

बैलिस्टिक मिसाइल अपना इंधन लेकर चलते हैं और उसमें इस्तेमाल होनेवाला ऑक्सीजन भी उनके साथ ही होता है. क्रूज़ मिसाइल भी अपना इंधन लेकर चलते हैं लेकिन ऑक्सीजन वो हवा से लेते हैं।

बैलिस्टिक मिसाइल छोड़े जाने के बाद हवा में एक अर्धचंद्राकर रास्ते पर चलते हैं और जैसे ही रॉकेट के साथ उनका संपर्क खत्म होता है उनमें लगा हुआ बम गुरूत्व के प्रभाव में ज़मीन पर गिरता है. इसलिए एक बार छोड़े जाने के बाद उनके लक्ष्य पर कोई नियंत्रण नहीं रह जाता।

क्रूज़ मिसाइल पृथ्वी की सतह के समांनांतर चलते हैं और उनका निशाना बिल्कुल सटीक होता है।

बैलिस्टिक मिसाइलों का इस्तेमाल आमतौर पर परमाणु बमों के लिए ही होता है लेकिन कुछ मामलों में पारंपरिक हथियारों के साथ भी इस्तेमाल हो रहा है. उदाहरण के लिए चीन ने ताइवान के साथ सीमा पर बैलिस्टिक मिसाइल लगा रखे हैं और वो पारंपरिक हथियारों से लैस हैं।

क्रूज़ मिसाइल पारंपरिक और परमाणु बम दोनों के लिए ही कारगर माने जाते हैं. लेकिन अपने आकार के कारण और कम लागत के कारण उनका प्रयोग पारंपरिक हथियारों के साथ ज़्यादा होता रहा है।

भारत के पास रूसी सहयोग से बना ब्राह्मोस मिसाइल क्रूज मिसाइल की श्रेणी में आता है. पाकिस्तान का दावा है कि उसका बाबर मिसाइल उसकी अपनी तकनीक है लेकिन रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि ये मिसाइल चीनी क्रूज़ मिसाइल की तर्ज़ पर बना है।

भारत और पाकिस्तान के बीच हुए समझौते के अनुसार दोनों देश बैलिस्टिक मिसाइलों के परीक्षण से पहले एक दूसरे को लिखित जानकारी देंगे।]

6.इसका हवाई संस्करण तैयार किया जा रहा है और इसे एसयू -30 एमकेआइ जैसे लड़ाकू विमानों से दागा जा सकेगा।

7. यह इसका दूसरा परीक्षण था।निर्भय का पहला परीक्षण 12 मार्च को हुवा था लेकिन वह असफल रहा था।

8.इसका निर्माण DRDO द्वारा किया गया है।

9.DRDO के वर्तमान चेयरमैन श्री अविनाश चन्द्र है।

10.इस मिसाइल के तीनों (जल, थल और वायु ) संस्करण तैयार किये जायेंगे।

11.यह कम ऊँचाई पर उडान भरने में सक्षम है जो कि राडार की पकड़ से बाहर होगी।

12.मिसाइल दागो और भूल जावो ( Fire and Forget) पर आधारित है।

13.भारत के पास 290 किमी. तक मार करने वाली सुपर सोनिक मिसाइल ब्रह्मोस है।

14.अगले तीन साल में इसके पांच और परीक्षण किये जायेंगे तत्पश्चात इसे सेना को सौंपा जायेगा

Photo: Defence Technology

निर्भय मिसाइल

प्रमुख तथ्य-

1.इसका परीक्षण 17 अक्टूबर 2014 को ओड़िशा के चांदीपुर स्थित एकीकृत रेंज से किया गया।

2.इसकी मारक क्षमता 1000-1500 किमी. तक है।

3.यह मिसाइल परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम है

4.यह सब -सोनिक मिसाइल है अर्थात् ध्वनि की गति से इसकी रफ्तार कम है। भारत के पास 290 किमी. तक मार करने वाली सुपर सोनिक मिसाइल ब्रह्मोस है।

5. यह एक क्रूज मिसाइल है ना कि बैलिस्टिक मिसाइल ।

[बैलिस्टिक और क्रूज़ मिसाइलों के बीच अंतर क्या है?

बैलिस्टिक मिसाइलों का आकार काफ़ी बड़ा होता है और वो काफ़ी भारी वज़न का बम ले जाने में सक्षम होते हैं. लेकिन उन्हें छोड़े जाने से पहले ही नष्ट किया जा सकता है क्योंकि उन्हें छिपाया नहीं जा सकता. लेकिन एक बार छूट जाने के बाद उन्हें नष्ट करना आसान नहीं होता।

क्रूज़ मिसाइल बहुत छोटे होते हैं और उनपर ले जानेवाले बम का वज़न भी ज़्यादा नहीं होता. लेकिन अपने आकार के कारण उन्हें छोड़े जाने से पहले बहुत आसानी से छुपाया जा सकता है।

बैलिस्टिक मिसाइल अपना इंधन लेकर चलते हैं और उसमें इस्तेमाल होनेवाला ऑक्सीजन भी उनके साथ ही होता है. क्रूज़ मिसाइल भी अपना इंधन लेकर चलते हैं लेकिन ऑक्सीजन वो हवा से लेते हैं।

बैलिस्टिक मिसाइल छोड़े जाने के बाद हवा में एक अर्धचंद्राकर रास्ते पर चलते हैं और जैसे ही रॉकेट के साथ उनका संपर्क खत्म होता है उनमें लगा हुआ बम गुरूत्व के प्रभाव में ज़मीन पर गिरता है. इसलिए एक बार छोड़े जाने के बाद उनके लक्ष्य पर कोई नियंत्रण नहीं रह जाता।

क्रूज़ मिसाइल पृथ्वी की सतह के समांनांतर चलते हैं और उनका निशाना बिल्कुल सटीक होता है।

बैलिस्टिक मिसाइलों का इस्तेमाल आमतौर पर परमाणु बमों के लिए ही होता है लेकिन कुछ मामलों में पारंपरिक हथियारों के साथ भी इस्तेमाल हो रहा है. उदाहरण के लिए चीन ने ताइवान के साथ सीमा पर बैलिस्टिक मिसाइल लगा रखे हैं और वो पारंपरिक हथियारों से लैस हैं।

क्रूज़ मिसाइल पारंपरिक और परमाणु बम दोनों के लिए ही कारगर माने जाते हैं. लेकिन अपने आकार के कारण और कम लागत के कारण उनका प्रयोग पारंपरिक हथियारों के साथ ज़्यादा होता रहा है।

भारत के पास रूसी सहयोग से बना ब्राह्मोस मिसाइल क्रूज मिसाइल की श्रेणी में आता है. पाकिस्तान का दावा है कि उसका बाबर मिसाइल उसकी अपनी तकनीक है लेकिन रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि ये मिसाइल चीनी क्रूज़ मिसाइल की तर्ज़ पर बना है।

भारत और पाकिस्तान के बीच हुए समझौते के अनुसार दोनों देश बैलिस्टिक मिसाइलों के परीक्षण से पहले एक दूसरे को लिखित जानकारी देंगे।]

6.इसका हवाई संस्करण तैयार किया जा रहा है और इसे एसयू -30 एमकेआइ जैसे लड़ाकू विमानों से दागा जा सकेगा।

7. यह इसका दूसरा परीक्षण था।निर्भय का पहला परीक्षण 12 मार्च को हुवा था लेकिन वह असफल रहा था।

8.इसका निर्माण DRDO द्वारा किया गया है।

9.DRDO के वर्तमान चेयरमैन श्री अविनाश चन्द्र है।

10.इस मिसाइल के तीनों (जल, थल और वायु ) संस्करण तैयार किये जायेंगे।

11.यह कम ऊँचाई पर उडान भरने में सक्षम है जो कि राडार की पकड़ से बाहर होगी।

12.मिसाइल दागो और भूल जावो ( Fire and Forget) पर आधारित है।

13.भारत के पास 290 किमी. तक मार करने वाली सुपर सोनिक मिसाइल ब्रह्मोस है।

14.अगले तीन साल में इसके पांच और परीक्षण किये जायेंगे तत्पश्चात इसे सेना को सौंपा जायेगा

संविधान के विकास में सुप्रीम कोर्ट की भूमिका

संविधान के विकास में सुप्रीम कोर्ट की भूमिका

- ***एक तरफ यह संविधान का संरक्षक, अंतिम व्याख्याकर्ता, मौलिक अधिकारों का रक्षक ,केन्द्र-राज्य विवादों मे एक मात्र मध्यस्थ है I
- वहीँ यह संविधान के विकास मे भी भूमिका निभाता रहा हैI
- इसने माना है कि निरंतर संवैधानिक विकास होना चाहिए ताकि समाज के हित संवर्धित हो
- न्यायिक पुनरीक्षण शक्ति के कारण यह संवैधानिक विकास मे सहायता करता है
- सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण विकास यह है कि भारत मे संविधान सर्वोच्च है इसने संविधान के मूल ढाँचे का अदभुत सिद्धांत दिया है जिसके चलते संविधान काफी सुरक्षित हो गया है I
- इसे मनमाने ढंग से बदला नही जा सकता है
- इसने मौलिक अधिकारों का विस्तार भी किया है
- इसने अनु 356 के दुरूपयोग को भी रोका है
- भारत का उच्चतम न्यायालय इस उक्ति का पालन करता है कि संविधान खुद नहीं बोलता है यह अपनी वाणी न्यायपालिका के माध्यम से बोलता है

काले धन के बारे में कुछ ख़ास बातें:----

काले धन के बारे में कुछ ख़ास बातें:----

केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को काला धन मामले में 627 खाताधारकों की सूची तो सौंप दी है, लेकिन जानकारों के मुताबिक़ काला धन वापस लाने की दिशा में यह नाकाफ़ी है.
नाम भर पता लगने से काला धन वापस आ जाएगा ऐसा नहीं हैं. हाँ, इतना ज़रूर है कि इससे जांच का रास्ता ज़रूर खुलता है.
काले धन की वापसी पर अब तक क्या रहा है ख़ास और कितना है काला धन.
बता रहे हैं प्रोफ़ेसर आर वैद्यनाथन
1- कालाधन सबसे अधिक सेक्यूलर हैं. इसमें सिर्फ़ राजनीतिक दल ही नहीं बल्कि सारे वर्ग, संप्रदाय और तबक़े के लोग शामिल हैं. खेल की दुनिया से लेकर बॉलीवुड तक के लोग सब इसमें शामिल हैं, यहां तक कि मीडिया के भी.
2- विदेशों में जमा ये काला धन सिर्फ़ कर चोरी से संबंधित नहीं इसके साथ ड्रग, हवाला, अवैध हथियार और चरमपंथ जैसी चीज़ें जुड़ी हुई हैं.
3- ये काला धन शेयर, बाँन्ड्स के अलावा सोना, क़ीमती पत्थर, हीरा, ज़ेवरात जैसे कई रूपों में कई लॉकरों में मौजूद हैं.
4- मेरे अनुमान के मुताबिक़ ये काला धन 500 अरब डॉलर के बराबर होगा.

भारत सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को विदेशी बैंकों में 627 खाताधारकों की लिस्ट सौंपी है
5- सोशल मीडिया की भी काला धन लाने में महत्वपूर्ण भूमिका होगी. देश के लोगों की इसे वापस लाने में अब दिलचस्पी है.
6- 2011 में सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट कहा था कि नामों का ख़ुलासा करने से विदेशों के साथ किसी भी संधि का उल्लंघन नहीं होता है. सरकार का तर्क था कि दोहरा कराधान बचाव संधि (डीटीएए) की वजह से विदेशी बैंकों में जमा काला धन खाताधारकों के नाम उजागर नहीं किए जा सकते हैं.
7- किसी भी चुराए हुए डेटा को लेने में किसी भी तरह की संधि का उल्लंघन नहीं होता है. यह सबके लिए उपलब्ध होता है.
8- अभी तो सिर्फ़ नाम दिए जा रहे हैं, कालाधन वापस लाने में पांच से दस साल लग सकते हैं. हमारे सामने फ़िलीपिंस, पेरू और नाइजीरिया जैसे देशों का उदाहरण है जिन्हें काला धन वापस लाने में काफ़ी वक़्त लग गया था.

एशियाई इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश बैंक के लिए भारत सहित 20 देशों ने हस्ताक्षर किए

एशियाई इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश बैंक के लिए भारत सहित 20 देशों ने हस्ताक्षर किए

वित्तीय जगत में अमेरिकी और यूरोपियन प्रभुत्‍व को चुनौती देते हुए एशियन इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर इंवेस्‍टमेंट बैंक (ए.आई.आई.बी.) की स्‍थापना की गई है. चीन और भारत ने इस बैंक में बड़ा योगदान किया है, लेकिन ऑस्‍ट्रेलिया, इंडोनेशिया और दक्षिण कोरिया ने इससे दूरी बनाए रखी. इस बैंक को चीन सहित 20 एशियन देशों का समर्थन प्राप्‍त है. इसके साथ ही चीन ने बैंक के 100 अरब डॉलर के कोष में लगभग 50 अरब डॉलर की राशि का योगदान दिया है. चीन के बाद भारत इस बैंक में 13 से 20 अरब डॉलर की हिस्‍सेदारी रखेगा. इस बैंक की मदद से एशियाई देश अपनी बुनियादी सुविधा (इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर) योजनाओं के लिए धन प्राप्‍त कर पांएगे.

एशियन इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर इंवेस्‍टमेंट बैंक स्थापित करने की पहल को एशिया-प्रशांत क्षेत्र के देशों की सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है क्योंकि अधिकांश एशियाई देशों की बुनियादी सुविधाओं के निर्माण में पूंजी-निवेश का अभाव है। भविष्य में यह बैंक इस क्षेत्र में वर्तमान में चल रही बहुपक्षीय बैंकिंग प्रणाली की खामियों को दूर करेगा और इस क्षेत्र के आर्थिक विकास, जन-जीवन के सुधार और गरीबी उन्मूलन में सकारात्मक भूमिका अदा करेगा।

चीन के उप वित्त मंत्री जिन लिक्यून को ए.आई.आई.बी. का महासचिव नियुक्त किया गया है। जिन एशियाई विकास बैंक के पूर्व उपाध्यक्ष रह चुके हैं। इस बैंक का मुख्यालय चीन में होगा और इसके अगले साल कामकाज शुरू करने की आशा है।

चीन और भारत के अलावा ए.आई.आई.बी. के अन्य सदस्यों में वियतनाम, उज्बेकिस्तान, थाइलैंड, श्रीलंका, सिंगापुर, कतर, ओमान, फिलीपीन, पाकिस्तान, नेपाल, बांग्लादेश, ब्रुनेई, कम्बोडिया, कजाकिस्तान, कुवैत, लाओस, मलेशिया, मंगोलिया व म्यांमार शामिल हैं।

अमेरिकी दबाव के चलते में ऑस्‍ट्रेलिया, इइंडोनेशिया और दक्षिण कोरिया जैसे देशों ने बैंक की सदस्यता लेने से इंकार कर दिया. दरअसल इस बैंक के शुरू होने से विश्व बैंक पर एशियाई देशों की निर्भरता कम होगी. एशियाई देश अपनी योजनाओं के लिए इस बैंक से सहायता लेना शुरू करेंगे तो वैश्विक वित्तीय बाजार में अमेरिका और यूरोपीय देशों का वर्चस्‍व कम होगा. इस बैंक के खुलने से एशियाई अर्थव्यवस्था में भारत और चीन का प्रभाव और बढ़ेगा. ए.आई.आई.बी. में भागीदारी के फैसले पर भारत का विचार है कि नया बैंक बुनियादी ढांचा वित्त पोषण के लिए संसाधन पूंजी आधार उपलब्ध कराएगा, जो क्षेत्रीय विकास के लिए अच्छी बात है।

सदस्यों के वोट के अधिकार की कसौटी तय करने के लिए विचार-विमर्श होगा और यह सकल घरेलू उत्पाद (जी.डी.पी.) व क्रयशक्ति समानता (पी.पी.पी.) के आधार पर तय होगा। इस फार्मूले के आधार पर चीन के बाद भारत बैंक का दूसरा सबसे बड़ा शेयरधारक होगा

समलैंगिकता- मुद्दे और आयाम

समलैंगिकता- मुद्दे और आयाम

समलैंगिकता एक ही लिंग (Sex or Gender) के सदस्यों के मध्य यौनिक आकर्षण (Sexual Attraction) की स्थिति है। विभिन्न कारणों से एक ही लिंग के व्यक्तियों (उदाहरण के लिए दो पुरुष) द्वारा साथ रहना, यौन संबंध स्थापित करना, रोमैंटिक अभिव्यक्ति (Romantic Expression) आदि समलैंगिकता के दायरे में आता है। यह संबंधों की एक अप्राकृतिक स्थिति है क्योंकि जीवशास्त्रीय दृष्टि से स्त्री-पुरुष संबंधों को ही यौनिक दृष्टि से प्राकृतिक माना जाता है। समलैंगिकता शब्द के अंतर्गत महिला समलैंगिकों को ‘लेस्बियन’ (Lesbian) और पुरुष समलैंगिकों को ‘गे’ (Gay) की संज्ञा दी जाती है। उल्लेखनीय है कि 19वीं शताब्दी के अंत में समलैंगिकों के कानूनी अधिकारों, उनकी पहचान आदि को मान्यता दिलाने के लिए वृहद् स्तर पर आंदोलन आयोजित किये गये।

उल्लेखनीय है कि होमोसेक्सुअल ग्रीक व लैटिन शब्दों से मिलकर बना है। ‘होमोस’ ग्रीक शब्द है जिसका अर्थ है ‘सम’ अथवा ‘समान’ (Same) जबकि लैटिन में ‘होमो’ का अर्थ ‘व्यक्ति’ (Man) है। इस प्रकार यह शब्द एक ही लिंग के दो सदस्यों के मध्य यौन गतिविधियों व आकर्षण को प्रदर्शित करता है। लेस्बियन शब्द ग्रीक आइसलैंड लेसबास (Lesbos) शब्द से निकला है जो युवा महिलाओं के मध्य भावनात्मक संबंधों को प्रदर्शित करने के लिए प्रयुक्त किया जाता है।

समलैंगिकता व विभिन्न देशों में वैधानिक स्तर (Homosexuality and legal status in different countries)

समलैंगिक गतिविधियों को लंबे समय से वैधानिक मान्यता देने व न देने के तर्क-वितर्क प्रस्तुत किये जाते रहे हैं। वर्ष 1932 में पोलैण्ड में, 1933 में डेनमार्क में, 1944 में स्वीडन में, 1967 में यूनाइटेड किंगडम में समलैंगिक गतिविधियों को अनापराधिक (Decriminalized) बनाया गया। 1970 के दशक से ‘गे समुदाय’ को कुछ विकसित देशों में सिविल अधिकार (Civil Rights) भी मिलने प्रारंभ हो गये। 2 जुलाई, 2009 को दिल्ली उच्च न्यायालय द्वारा समलैंगिकता को गैर-आपराधिक कृत्य घोषित किया गया । सब-हसारा अफ्रीकी देशों में अजान्दे योद्धाओं (Azande Warriors) के मध्य विवाह परंपराओं के साथ समलैंगिक संबंध तेजी से विकसित हुए और वर्तमान में अफ्रीकी महाद्वीप में भारी संख्या में समलैंगिक हैं जो आज भी विभिन्न अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं।

वर्ष 2000 में अमेरिकी जनगणना ब्यूरो ने पाया कि समलैंगिक युगल अमरीकी हाउसहोल्ड्स के 1 प्रतिशत से भी कम का गठन करते हैं। वहीं अमेरीकी फेमिली रिसर्च रिपोर्ट ने स्पष्ट किया कि लगभग 2-3% पुरुष और 2 प्रतिशत महिलाएँ होमोसेक्सुअल अथवा बाइसेक्सुअल हैं। इसके अलावा नेशनल गे एण्ड लेसबियन टास्क फोर्स (The National Gay and Lesbian Task Force) ने दोनों लिंगों की संख्या को 3 से 8 प्रतिशत तक होने का आँकड़ा प्रस्तुत किया है। अगस्त, 2002 में गैलप (Gallup) सर्वेक्षण संस्था ने घोषित किया कि 21% पुरुष ‘गे’ और 22% महिलाएँ अमरीका में लेस्बियन हैं।

युगांडा द्वारा वर्ष 2009 में ‘एंटी होमोसेक्सुअलटी विधेयक’ निर्मित किया गया था, जिसके तहत एक समान लिंग के लोगों के मध्य यौन संबंधों को आपराधिक कृत्य घोषित किया गया था। इसमें अपराध करने वाले के लिए ‘मृत्युदंड’ देने का प्रावधान है। मृत्युदंड उस स्थिति में दिया जायेगा जब एक व्यक्ति एच.आई.वी. एड्स (HIV-positive) होने के बावजूद अपने ही लिंग (Gender) के किसी व्यक्ति से यौन संबंध बनाता है। युगांडा के इस कानून के तहत समलैंगिकता की अन्य गतिविधियों के संदर्भ में आजीवन कारावास की सजा का प्रावधान किया गया है।

भारत में समलैंगिकता (Homo Sexuality in India)

भारत में समलैंगिकता के पक्ष और विपक्ष में अनेक तर्क दिये जाते रहे हैं। भारत का नाज फाउंडेशन, नेशनल एड्स कंट्रोल आर्गनाइजेशन, भारत के विधि आयोग, भारतीय स्वास्थ्य मंत्रालय, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग और योजना आयोग जैसी संस्थाओं ने प्रत्यक्ष अथवा परोक्ष तरीके से भारत में समलैंगिकता को अपराध के दायरे में न रखने का समर्थन किया है।

इसी को ध्यान में रखकर 2 जुलाई, 2009 को दिल्ली उच्च न्यायालय ने सहमति के आधार पर वयस्कों के मध्य समलैंगिक यौन संबंध को स्वीकृति प्रदान कर दी और इस क्रम में भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 377 को जीवन और स्वतंत्रता के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करने वाला माना गया। भारतीय दंड संहिता की धारा 377 में स्पष्ट प्रावधान किया गया है कि किसी भी पुरुष, महिला अथवा पशु के साथ अप्राकृतिक यौन संबंध को ‘अप्राकृतिक अपराध’ (Unnatural Offence) समझा जायेगा और इसके लिए आजीवन कारावास अथवा कुछ परिस्थितियों में 10 वर्ष के कारावास की सजा दी जा सकती है।

भारत सरकार ने सर्वोच्च न्यायालय को आँकड़े देते हुए स्पष्ट किया है कि भारत में 2.5 मिलियन समलैंगिक हैं जिनमें से 7 प्रतिशत एच.आई.वी. पॉजिटिव हैं। उल्लेखनीय है कि न्यायालय द्वारा समलैंगिक अधिकारों की वैधानिकता के प्रश्न पर विचार करने के दौरान इनकी संख्या के बारे में आँकड़ें प्रस्तुत करने का निर्देश भारत सरकार को दिया था।

सुप्रीम कोर्ट ने कालांतर में अपने निर्णय में कहा कि समलैंगिकता के मुद्दे पर 148 वर्ष पुराने उपनिवेशीय कानून जिसके तहत् इसे अप्राकृतिक अपराध घोषित किया गया था, वर्तमान परिस्थितियों में अतार्किक है। न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया कि- ‘अप्राकृतिक यौन कृत्य’ (Unnatural Sex) क्या है, इसे स्पष्ट रूप से परिभाषित नहीं किया जा सकता। यूएनएड्स (UNAIDS) संस्था ने भारत में न्यायपालिका की तरफ से उठाये गये कदम की प्रशंसा की। यूएनएड्स द्वारा यह भी स्पष्ट किया गया कि 80 देशों में समलैंगिकता पर प्रतिबंध है और 5 देशों मार्टिनिया, सूडान, इरान, सऊदी अरब और यमन में इस अपराध के लिए मृत्युदंड का प्रावधान है। 2009 के पूर्व भारत में समलैंगिकता को कानूनी मान्यता दिलाने के संबंध में निम्नांकित प्रयास किये गये-
वर्ष 2001 में नाज फाउंडेशन ने सहमति के आधार पर वयस्कों (समान लिंग के) के मध्य यौन संबंध को कानूनी वैधता (Legal Legitimacy) देने के लिए जनहित याचिका (IPL) दायर किया।
2 सितंबर, 2004 में दिल्ली उच्च न्यायालय ने 'गे सेक्स' (Gay Sex) को आपराधिक कृत्य न बनाने संबंधी याचिका को खारिज कर दिया गया। इसी वर्ष समलैंगिक अधिकार कार्यकर्त्ताओं ने समीक्षा याचिका (Review Petition) किया। 2 नवंबर, 2004 को उच्च न्यायालय द्वारा समीक्षा याचिका को खारिज किया गया।
दिसंबर, 2004 में समलैंगिक अधिकार कार्यकर्त्ताओं ने दिल्ली उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ सर्वोच्च न्यायालय में मामला उठाया गया। 3 अप्रैल, 2006 को सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिल्ली उच्च न्यायालय को निर्देश दिया गया कि वह इस मामले पर पुर्नविचार करे। 26 सितंबर, 2008 को केन्द्र सरकार द्वारा कहा गया कि गे सेक्स अनैतिक है, और यह समाज को नैतिक अवमूल्यन की तरफ ले जाने वाला है।

समलैंगिकता का नकारात्मक प्रभाव (Negative Impact of Homo sexuality)

समलैंगिकता के समर्थक इसे चयन, सहमति, अधिकार एवं स्वतंत्रता का विषय मानते हैं और इसे वैश्विक स्तर पर मान्यता दिलाने के लिए प्रयासरत् हैं जबकि इसके विरोधी इसके अनेक सामाजिक-सांस्कृतिक दुष्प्रभावों की चर्चा करते हैं-
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने 1970 के दशक में ही समलैंगिक गतिविधियों को मानसिक विकृति की स्थिति कहा था क्योंकि इसके द्वारा सहज, सामान्य व प्राकृतिक स्त्री-पुरुष संबंधों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
समलैंगिकता का युवा वर्ग, बच्चों, किशोर/किशोरियों की मानसिकता पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। पाश्चात्य सभ्यता और संस्कृति के अनुपालन के साथ इस प्रवृत्ति का तेजी से विकास विकासशील राष्ट्रों में भी हो रहा है।
समलैंगिकता का प्रभाव परिवार व समाज पर पड़ता है। पारिवारिक विघटन (Family Disorganization) और सामाजिक विघटन (Social Disorganization) भी समलैंगिकता के कारण देखा जाता है। समलैंगिकों को आमतौर पर सामाजिक स्वीकृति नहीं मिलती। इसलिए उनका सामाजिक बहिष्कार किया जाता है और यह एक प्रमुख सामाजिक मुद्दे के रूप में उभर कर सामने आता है

भारत वियतनाम सम्बन्ध

भारत वियतनाम सम्बन्ध

शीत युद्ध के बाद भारत ने लुक ईस्ट नीति पर अमल शुरू किया, लेकिन अन्य तमाम वजहों से वियतनाम वह महत्व नहीं हासिल कर सका जैसा कि अब दिख रहा है। पिछले दशक में वियतनाम के साथ भारत के द्विपक्षीय रिश्तों में धीमी गति से मजबूती आनी शुरू हुई, लेकिन यह सदैव ही कुछ हिचक और ङिाझक के साथ एक दायरे तक सीमित रही। चीन के मद्देनजर भारतीय हितों के लिहाज से आज दोनों देशों के बीच संबंधों का विस्तार हुआ है। दक्षिण चीन सागर विवाद के चलते दक्षिण पूर्व एशियाई क्षेत्र इस समय काफी संवेदनशील हो गया है। दक्षिण चीन सागर में तीन क्षेत्रीय देशों वियतनाम, फिलीपींस और इंडोनेशिया के भूभागों को लेकर बीजिंग द्वारा दावा किया जा रहा है। इस मुद्दे पर चीन के लगातार मुखर और आक्रामक होते रुख को देखते हुए वैश्विक समुदाय भी खुद को असहज पा रहा है, लेकिन चीनी नौसेना की शक्ति को देखते हुए कोई भी उसका ताकत के साथ विरोध कर पाने की स्थिति में नहीं है। इस क्षेत्र में अमेरिका एक प्रमुख राजनीतिक और सैन्य शक्ति है, लेकिन इस मामले में सीधे-सीधे शामिल होने से वह भी कतरा रहा है। अमेरिका सभी पक्षों से अंतरराष्ट्रीय कानून का आदर करने को कह रहा है। भारत भी इस मसले के शांतिपूर्ण समाधान के पक्ष में है। भारत वियतनाम के साथ इस क्षेत्र में हाइड्रोकार्बन खोज गतिविधियों में शामिल है। वियतनाम के साथ धीरे-धीरे भारत के बढ़ते सहयोगी रिश्तों पर बीजिंग को आपत्ति है और इसके लिए वह गुस्सा भी दिखा रहा है। संप्रग के शासनकाल में दिल्ली ने सावधानी बरतते हुए इस मामले में संतुलन बनाए रखा। पिछले कुछ महीनों में स्थिति में बदलाव आया है और राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के साथ-साथ विदेश मंत्री सुषमा स्वराज का वियतनाम में स्वागत किया गया। इस तरह अब यह साफ हो चुका है कि दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय रिश्ते राजनीतिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण हो
गए हैं। मोदी सरकार ने अब इसके संकेत दे दिए हैं कि दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय रिश्ते समुद्री सुरक्षा के लिहाज से अधिक मजबूत हैं। वियतनामी प्रधानमंत्री की यात्र के बाद संयुक्त घोषणा में कहा गया कि रक्षा सहयोग के मामले में प्रगति संतोषजनक रही है। इसके साथ ही यह उम्मीद भी जताई गई है कि भारत और वियतनाम के बीच रक्षा और सुरक्षा सहयोग को भविष्य में और अधिक मजबूत बनाया जाएगा। मोदी ने भी कहा कि वियतनाम के साथ हमारा रक्षा सहयोग हमारे लिए सर्वाधिक महत्वपूर्ण है। भारत वियतनाम के रक्षा और सुरक्षा बलों के आधुनिकीकरण के लिए प्रतिबद्ध है। इसके तहत प्रशिक्षण कार्यक्रमों का विस्तार शामिल है। दोनों देशों के बीच संयुक्त युद्धाभ्यास के साथ-साथ रक्षा उपकरणों के आदान-प्रदान के मामले में भी सहयोग जारी रहेगा। इसके लिए शीघ्र ही 10 करोड़ डॉलर का कर्ज दिया जाएगा ताकि वियतनाम भारत से नए नौसैनिक जहाज खरीद सके। अंतरिक्ष मामलों में भी दोनों देशों के बीच सहयोग स्थापित करने पर जोर दिया गया है, जिसमें वियतनाम के लिए उपग्रह के प्रक्षेपण के साथ-साथ शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए नागरिक परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में भी सहयोग किया जाएगा।

चीनी विदेश मंत्रलय ने भारत को चेताते हुए उसे वियतनाम के साथ विवाद के मामले से दूर रहने को कहा है। चीन ने दक्षिण चीन सागर में तेल के खोज कार्य के लिए भारत को आमंत्रित करने पर हनोई के फैसले का विरोध किया है। जापान की यात्र के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कुछ देशों की विस्तारवादी नीतियों का उल्लेख किया था। उनका इशारा चीन की तरफ था। वियतनाम को ब्रव0161ाोस क्रूज मिसाइल देने के निर्णय से भारत-चीन संबंधों पर प्रभाव पड़ेगा। इसी माह प्रधानमंत्री मोदी 10 दिवसीय विदेशी दौर पर जा रहे हैं जिसमें वह म्यांमार, ऑस्ट्रेलिया और फिजी जाएंगे। म्यांमार में उनका कार्यक्रम ईस्ट एशिया समिट में भाग लेना है। स्पष्ट है कि भारत के लिए पूरब महत्वपूर्ण बना रहेगा। जी-20 के नेता ब्रिस्बेन में शिखर बैठक में शिरकत करेंगे, जिसमें भारत-वियतनाम संबंधों पर सबकी निगाहें होंगी, जबकि चीन के अपने पड़ोसी देशों के साथ टकराव पर सभी को चिंता है।

Wednesday, 5 November 2014

CURRENT AFFAIR OCT 2014

Quick review: CA
1. New chairperson of prasar bharti-Surya Prakash
2. New chief minister of Maharastra-Devendra Fadnavis
3. Venetian Macau golf open -Anirban Lahiri
4. Head of Future Earth engagement committee-Jayram Ramesh
5. Uday Sareen will become the next CEO of ING Vysaya bank
(Current CEO Shailendra Bhandari resigned from his post, He will continue till 31st)
6. Oath-taking ceremony of Manohar lal Khattar of Haryana was held in- Panchkula
7. Vigillance awareness week-from 27th oct to 1st Nov. Theme-Combating corruption-Technology as
an enabler
8. World day for audiovisual heritage-27th Oct
9. Vietnam's prime minister on his visit to India-Tang Dung
10. 1st Indian to win wild screen Panda Award-Ashwika Kapur(movie director) 
for her movie- "Sirocco-how a dud became a stud"
11. MD of Adidas India-Dave Thomas
12. National unity day (rastriya ekta divas)-31st oct (to honor Sardar Ballabhbhai Patel
who was born on 31st oct)
13. United nations day-24th oct 
14.World development information day-24th oct
15. Sarada Award 2014-Prafulla Das
16. A new postage stamp released at Rastrapati Bhawan to commemorate-Anagarika Dharmapala (Srilankan Buddhist monk)
17. New chief of core google products-Sundar Pichai
18. World billiards title-Pankaj Advani
19. New chairman of CBEC- Kaushal Srivastava
20. China & other Asian countries have formally launched Asian infrastructure investment bank as a new rival of western economies dominated world bank and IMF.
21. US ambassador to Sweden-Ajitha Raji
22. International Olympic committee accepted Kosovo into the olympic to send a team to the 2016 games in Rio De Janerio. Kosovo declared independence from Serbia in 2008.
23. Lawrence R.Klein died recently-Former Nobel prize winner in Economics

24. New global service launched by world bank which aims at mobilizing the pvt sector to help tackle the massive infrastructure deficit facing developing countries-Global Infrastructure Facility(GIF)
25. Newly constituted committee to function as a think-tank to help to draft a new national intellectual property rights policy-Justice Prabha Sridevan
26. COO of Walmart India-Murali Lanka
27. Ben Bradlee the former editor of Washington Post passed away at 93. He was the editor who directed the famous 'Watergate' scandal.
28. Liberty medal 2014-Malala Yousafzai
29. Aditya Birla financial group recently signed a MoU with 'MMI Holdings ltd of (S.Africa)' to enter the health insurance market in India.
30. EU Sakharov Human rights prize 2014- Denis Mukwege (congolese physician)
31. International stammering day-22nd oct
32. "Gandhi-Inspired Tourist attraction project" launched by South African Tourism

5 NOVEMBER 2014 CURRENT AFFAIR

5 NOVEMBER 2014
Ques. : 1 The govt has set-up a Committee to examine the un-claimed amount in PPF, Post Office and Savings Schemes. The seven member committee, which will submit its reports by 31st Dec, is being headed by
Answer:-  HR Khan
Ques. : 2 Which of the following cities will be the new capital of Andhra Pradesh as announced by the Chief Minister N Chandrababu Naidu recently?
Answer:- ) Vijayawada
Ques. : 3 India has been ranked the lowest among BRICS countries in the recently released Global Competitiveness Report 2014-15 which is topped by
Answer:- ) Switzerland
Ques. : 4 The govt has announced to introduce Motor Vehicles Amendment Bill in coming Parliamentary session. India accounts for more than 10 per cent of the total road fatalities across the world which is about ________road accidents annually.
Answer:- ) 1.4 lakh
Ques. : 5 According to the Reserve Bank of India (RBI), penal measures are applicable to a defaulter with an outstanding balance of over
Answer:-  Rs 25 lakh
Ques. : 6 Sparing the leaders of SAARC nations, who attended the swearing in ceremony of PM Narendra Modi, who among the following is the first Head of Govt to visit India after the new govt came in centre?
Answer:-  Tony Abbott
Ques. : 7 The five-day official visit of PM Narendra Modi to Japan concluded recently. Which of the following is NOT a highlight of the visit?
1) Japan promised to give 3.5 tn Yen (USD 35 bn or 2,10,000 cr) to India over the next five years for infrastructure projects. 
2) The two countries signed five pacts covering variety of areas.
3) Japan lifted ban on six Indian entities including HAL which had been imposed in the aftermath of 1998 nuclear tests. 
4) It was Modi’s third bilateral meet outside the Indian subcontinent since becoming Prime Minister in May.
5) A pact was signed to develop Varanasi on the pattern of 'smart city' Kyoto with the help of Japan. 
Answer:- 4) It was Modi’s third bilateral meet outside the Indian subcontinent since becoming Prime Minister in May.
Ques. : 8 INS Sumitra was commissioned into the Indian Navy recently. One of the biggest ships of its kind, it is a
Answer:-) Surveillance ship
Ques. : 9 India has emerged as the second largest grower of flowers around the world. Which of the following countries is ahead of India in this field?
Answer:-  China
Ques. : 10 Which of the following firms has become India’s largest private power producer?
Answer:- Adani Power